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मोदी जी! ग्रामीण बैंक का मैनेजर योजना का लाभ देने के लिए मांग रहा है रिश्वत


सुल्तानपुर। कहते है शासन की ज्यादातर योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकारों को बैंकों का सहारा लेना पड़ता है।लेकिन सुलतानपुर बड़ौदा उ0प्र0 ग्रामीण बैंक शाखा खैचिला का मैनेजर दर्जनों काली कमाई करने के लिए फाइल पर कुंडली मारकर बैठ गया है।यहाँ मत्स्य पालन के लिए पिछले दो साल से एक पीड़ित को कर्ज के लिए दौड़ाया जा रहा है,अब तो सीधे सीधे उससे बैंक मैनेजर कर्ज देने के एवज में घूस की माँग कर डाली।
मामला बांसी गांव निवासी पीड़ित आशीष कुमार पुत्र राजेश्वर प्रसाद ने मत्स्य पालन के लिए तलाब का पट्टा मछली विभाग से दिनांक 21.08.2015 को लिया था ।पीड़ित ने एक माह बाद मत्स्य विभाग से तलाब संशोधन व पालन के लिए दिनांक 28.09.2015 को 1,68,000/-हजार की बड़ौदा उ0प्र0ग्रामीण बैक शाखा खौचिला को लोन व सरकार से मिलने वाले अनुदान के लिए सभी औपचारिकताएँ पूरी कर फाइल जमा किया।बीच बीच में समयांतराल पर पीड़ित पात्र ने बैंक मैनेजर के कहने पर सभी शर्तों को पूरा किया। कुछ समय बाद प्रार्थी ने मैनेजर से बैंक जाकर मिला तो मैनेजर ने कहा कि लोन लेना है तो कुछ एडवांश( सुविधाशुल्क) देना होता है उसके बाद ही लोन पास होगा ।प्रार्थी ने मैनेजर से कहा कि आप द्वारा जो भी मांगे गए सम्पूर्ण कागजात व फिक्स डिपाजिट थे वो मैंने बैंक को देदी है।अब मैं रिश्वत नही दुगां तो बैक मैनेजर काफी नाराज हुआ कहा कि तुम नए हो किसी जानकार से पता कर लो।पीड़ित ने घूस देने से मना कर दिया।जिस पर भड़के मैनेजर ने कहा जाओ जो करना है कर लो, मै लोन पास नहीं करूंगा ।इधर मत्स्य पालन पट्टे की मियाद भी (10 वर्ष )भी धीरे -धीरे समाप्त हो जा रही है मजबूर होकर पीड़ित ने प्रधानमंत्री को को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर लोन पास किए जाने व घूस मांगने वाले बैक मैनेजर के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की है ।

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